बुधवार, 5 सितंबर 2012

एक में अनेक !

मोर,खरगोश,कछुआ,सांप,शेर
 
 
मेरा मिटठू
 

9 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत क्यूट..... एक में अनेक का आइडिया तो बहुत अच्छा लगा

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  2. पंचमेल खिचड़ी पकी, मजेदार स्वादिष्ट |
    क्यूँकर व्यर्थ खरचना, श्वेत चार ठो पृष्ट |
    श्वेत चार ठो पृष्ट, सर्प रह रह फुफकारे |
    कछुवे की हो जीत, हारता शशक दुबारे |
    मोर मोइनी सोनि, पटाले सिंह मोहना |
    सर्कस चालू अहे, छोडिये बाट जोहना ||

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  3. उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

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  4. मोर खरगोस कछ सरप सेर । अरु चतुर चार चिरैया घेर ।।

    प्रसर प्रसरित पर पंख पखेर । चहुँ चहुँ कर विकल सकल सबेर ।।

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