रविवार, 2 दिसंबर 2012

मेरे दो साथी !

मददगार डोरेमान
 
 
 
नटखट सिनचैन
 
 

7 टिप्‍पणियां:

  1. डौले डोरेमान के, लेते मन को मोह |
    मदद सदा मेरी करे, घुसकर कंदर-खोह |
    घुसकर कंदर-खोह, ढूँढ़ प्रश्नों के उत्तर |
    पर नटखट सिन्चैन, उड़ा दे बना कबुत्तर |
    सुधरे किन्तु जरूर, होयगा हौले हौले |
    हँसता डोरेमान, देख नटखट के डौले |

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  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

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  3. मंगलमय नव वर्ष हो, फैले धवल उजास ।
    आस पूर्ण होवें सभी, बढ़े आत्म-विश्वास ।

    बढ़े आत्म-विश्वास, रास सन तेरह आये ।
    शुभ शुभ हो हर घड़ी, जिन्दगी नित मुस्काये ।

    रविकर की कामना, चतुर्दिक प्रेम हर्ष हो ।
    सुख-शान्ति सौहार्द, मंगलमय नव वर्ष हो ।।

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